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Showing posts from May, 2018

संभाजीराजे बालपण शारीरिक छळ व मृत्यू

बालपण संभाजी राजांचा जन्म १४ मे इ.स. १६५७ रोजी किल्ले पुरंदरयेथे झाला. राजपुत्र असल्यामुळे रणांगणावरील मोहिमा आणि राजकारणातील डावपेच यांचे बाळकडू त्यांना लहानपणापासूनच मिळाले. संभाजीराजांच्या आई, सईबाईंचेनिधन राजे लहान असताना झाले. त्यानंतर पुण्याजवळीलकापूरहोळ गावची धाराऊ पाटील नावाची स्त्री त्यांची दूध आई बनली. संभाजींचा सांभाळ त्यांची आजी जिजाबाईयांनी केला. त्यांच्या सावत्र आई, पुतळाबाई यांनी देखील त्यांच्यावर खूप माया केली. अनेक ऐतिहासिक नोंदींप्रमाणे संभाजीराजे अत्यंत देखणे आणि शूर होते तसेच ते अनेक भाषेत विद्याविशारद व अत्यंत धुरंदर राजकारणी होते. राजकारणातील बारकावे त्यांनी भराभर आत्मसात केले. मुघल दरबारातील घडामोडी आणि राजकारण त्यांना लहान वयातच कळले तर त्याचा त्यांना भविष्यात उपयोग होईल या विचाराने शिवाजी महाराजांनी त्यांना आग्रा भेटीच्या वेळी बरोबर नेले. त्यावेळी संभाजीराजे ९ वर्षाचे होते. शिवाजी महाराज कैदेतून निसटल्यानंतर स्वराज्यापर्यंतची धावपळ संभाजी राजांना सोसली नसती आणि त्यामुळे त्यांना काही काळ सुरक्षित ठिकाणी ठेवणे गरजेचे होते. त्यामुळे शिवाजी महाराजांनी त्यांन...

*👨‍⚖️जस्टिस के एम जोसेफ बनेंगे 🏢सुप्रीम कोर्ट के जज, कोलेजियम की बैठक में हुअा👌 फैसला*

उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के.एम. जोसेफ के सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन मामले में सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की एक महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। सूत्रों के अनुसार बैठक में फैसला हुआ है कि जस्टिस जोसेफ के नाम की सिफारिश की जाएगी। अगर ऐसा होता है तो जस्टिस जोसेफ का सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशम होना तय है।  इस बैठक में कॉलेजियम में शामिल पांच न्यायाधीश शामिल थे। बता दें कि मोदी सरकार ने कुछ दिन पहले जस्टिस जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर प्रमोट करने की सिफारिश कॉलेजियम के पास पुर्निवचार के लिये वापस भेज दी थी।  उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ के सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से की थी। जिसे केंद्र सरकार ने 26 अप्रैल को अस्वीकार करते हुए पुर्नविचार के लिए भेज दिया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने कॉलेजियम को चिट्ठी लिखी थी।  जिसमें चेलमेश्वर ने दोबारा केंद्र सरकार से जस्टिस जोसेफ की सिफारिश करने के लिए कॉलेजिम की बैथक बुलाने को कहा था। केंद्र सरकार ने पहले कॉलेजियम की सिफा...

धारा 370 क्या है

🚩🚩🚩  धारा 370 जरूर जानिए जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है । -------------- -------------------- - जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है ----------------- जम्मू - कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकी भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है । ----------------- जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है । ---------------- भारत के उच्चतम न्यायलय के आदेश जम्मू - कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं ---------------------- भारत की संसद को जम्मू - कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यंत सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है । ---------------------- जम्मू कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी । इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू - कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी । ------------- और ---------------------- धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लाग...

सबका साथ सबका विकास

अभी ट्रेन मे सफर कर रहा हूँ .... पता नही ये पोस्ट आप तक पहुचेगी की नही.... सामने एक सज्जन बैठे हैं... कहने लगे- "ई मोदी कुछ नहीं करता है । अबकी बार bjp को वोट नहीं दूंगा।" सच कहूँ तो मेरे से रहा नहीं गया , मैंने पूछा- "आप मोदी से क्या चाहते थे जो आपको नहीं मिला..?" साहब मेरे सवाल से अचकचा गए । अचकचा मतलब समझे ? अचकचा मतलब है असहज होना... साहब चुप... फिर मैंने कहा- "उज्जवला योजना , दीनदयाल ज्योतिर्ग्राम योजना , जीएसटी , वन रैंक वन पेंशन , अटल पेंशन योजना , प्रधानमंत्री बीमा योजना , बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ , शौचालय निर्माण , स्वच्छता अभियान , एक दिन में 30 किलोमीटर हाईवे बनना , दुनिया भर में भारत की धमक , मुद्रा योजना , स्टार्टअप योजना , प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान योजना और क्या चाहिए ?? साहब कहने लगे- "ये सब तो ठीक है लेकिन अपना काम धंधा तो चौपट है।" मैंने कहा- "खुल कर कहो न की अब = दो नम्बर के काम करने से डर लगता है, = कैश ट्रांजेक्शन करने में डर लगता है, = पारदर्शिता से डर लगता है, = कहीं बेनामी संपत्ति खरीदने में डर लगता है , = बैंक ट्रां...

मोदीजी की कूटनीति: सोच

  बदलें साहेब, ये नेहरू नहीं मोदी है।  ●यह पाकिस्तान-चीन समेत 193 देशों से योग करा देता है, ●यूएई में भी मंदिर बनवा देता है,  ●बुर्ज खलीफा को तिरंगे के रंग में रंगवा देता है, ●सऊदी अरब से भी जय श्री राम कहलवा देता है, ●ईरान में बंदरगाह बनाता है, ●यूएनओ में फिलिस्तीन के समर्थन में वोट करता है, ●इजरायल की मदद से देश की सीमाओं को सुरक्षित करता है, ●भारत से इजरायल जाने वाली एयरक्राफ्ट को सऊदी के हवाई क्षेत्र से उड़ाता है, ●डोकलाम पर चीन को पीछे जाने पर मजबूर करता है, ●पीओके में तिरंगा लहरवा देता है, ●बलूचिस्तान में मोदी-मोदी के नारे लगवा देता है, ●पाकिस्तान पर सर्जीकल स्ट्राइक करता है और फोन करके उसे बताता भी है।  ●पूरी दुनिया में कोई भी देश भारत के इस कार्य के खिलाफ नहीं बोलता है, चीन भी नहीं,और सबसे बड़ी बात यह बात वह डंके की चोट पर अतंर्राष्ट्रीय मंचों पर खुलेआम कहता है।  यह है मोदी की कूटनीतिक शक्ति।  मोदी घूमता नही है , काम निपटा रहा है सारे 😊 Nilesh diwana Nileshdiwane77605 my instagram id (@NileshDiwane7) | Twitter Twitter   Nileshdiw...

पवार साहेबांचे आयुष्य चिमटे

पवार साहेबांचे आयुष्य चिमटे,कानपिचक्या यातच गेले. मागून आलेले ममता, जयललिता, केजरीवाल, मोदी यांनी एकहाती सत्ता मिळवली पण 55 वर्षे राजकारणात असूनही पवार साहेबांना महाराष्ट्रात स्वबळावर एकहाती सत्ता मिळवता आली नाही. ​ 😂😂😂😂😂 ​ आणि येड्या भक्तांना वाटतं साहेब राजकारणात काहीही घडवू शकतात. ​😝😝😜😜 4 वेळा मुख्यमंत्री, 15 वर्षे केन्द्रीय कृषी मंत्री राहूनसुद्धा आज जर संघर्ष यात्रा करत असाल तर पवार साहेब मला एवढेच सांगा की 20 वर्षे काय केलत आपण ???? हे सरकार एक वर्षभर जलयुक्त शिवार म्हणून काय करत होतं ते काल सर्व बंधारे भरल्यावर आम्हाला समजलं.. एका पावसात सर्व बंधारे भरून गेले हो... यान्नी एका वर्षात जे केले ते तुम्हाला 15 वर्षात का नाही जमल हो... आणि आता  संघर्ष यात्रा ?? अहो त्यापेक्षा भुजबळ तटकरे अजित पवार रमेश कदम यांना सांगा की अक्षय ,नाना ,मकरंद यांचा आदर्श घ्यायला... का फसवता आम्हाला साहेब... अक्षय कुमार 90 लाख अजिंक्य राहणे 5 लाख नाना पाटेकर व मक्ररन्द असे अनेक कलाकार मंडळी हे सर्व दुष्काळी लोकांना मदत करत आहे आणि महाराष्ट्राला लूटणारे  बारामतीकर काय तमा...